
जब आवे करवा चौथ सुहागन व्रत करे
Jab Aave Karva Chauth Suhagan Vrat Kare
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे,
पिया की लंबी उमरिया माँगे, प्रेम से पूजा करे, पूजा करे जी, पूजा करे।
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे,
चाँद के संग पिया का मुखड़ा देखे, मन ही मन खुश होए, खुश होए जी, खुश होए।
सुबह-सुबह सरगी
भोर भये जब मुर्गा बोले, सासू सरगी लाए,
मिठाई, फल और मेवे देकर, बहू को खूब खिलाए।
सासू माँ के चरण छूकर, ले आशीष खरे, आशीष खरे जी, आशीष खरे,
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे।
मेहंदी और सोलह शृंगार
हाथों में मेहंदी रचवाए, चूड़ी खनके हाथ,
लाल चुनरिया, बिंदी चमके, पिया की प्यारी बात।
काजल, कंगना, झुमका पहने, रूप निखरता जाए,
देख के अपनी सूरत गोरी, मन ही मन मुस्काए।
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे।
जब आवे करवे का त्यौहार , सुहागन व्रत करे।
थाली सजाए, करवा लाए, रोली चावल साथ,
गौरी मैया की पूजा करके, जोड़े दोनों हाथ।
करवा चौथ की कथा सुनें सब, मंगल गीत करें,
पिया की सुख-समृद्धि माँगें, श्रद्धा से व्रत करें।
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे।
जब आवे करवे का त्यौहार , सुहागन व्रत करे।
सखियाँ मिलकर गीत सुनाएँ, ढोलक बाजे द्वार,
कोई बोले पिया हैं प्यारे, कोई करे शृंगार।
फोन उठाकर पिया से पूछे, चाँद कब निकलेगा रे,
भूखी-प्यासी हँसकर बोले, दिल कब तक माने रे ।
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे।
जब आवे करवे का त्यौहार , सुहागन व्रत करे।
चाँद निकल आया अंबर में, चमके चंदा रात,
छलनी से पहले चाँद निहारे, फिर पिया का साथ।
पिया पिलाएँ जल प्रेम से, खिल उठे मुखड़ा प्यारा,
व्रत खोलकर हँसती गोरी, मिल गया चाँद हमारा ।
जब आवे करवा चौथ, सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे,
जब आवे करवे का त्यौहार , सुहागन व्रत करे, व्रत करे जी, व्रत करे,
पिया की लंबी उमरिया माँगे, प्रेम से पूजा करे, पूजा करे जी, पूजा करे।
Jab Aave Karva Chauth Suhagan Vrat Kare – Karva Chauth Special Song