रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया

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रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया
कोई कहे इसे पाप गठरिया अपने ही रंग में रंग दे मुरारी
रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया।।

मोह माया में मन भरमाया सुमिरन तेरा न कर पाया
प्रभु ये बन्धनखोलो मेरे आया हु चरणों मे तेरे
जाऊ कहाँ तज शरण तुम्हारी
रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया।।

ये जीवन धन तुझसे पाया और तुझी से ये स्वर पाया
तेरी महिमा जाने न कोई मन की माला मन मे सोई
सुमोरन ज्योति जला हितकारी
रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया
कोई कहे इसे पाप गठरिया ।।

हम बालक तुम स्वामी मेरे सुनो पुकार तुम्ही हो मेरे
जन्म जन्म का तुमसे नाता तू ही जग का भाग्य विधाता
एक तुम्ही से प्रीत तुम्हारी
रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया।।

रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया
कोई कहे इसे पाप गठरिया अपने ही रंग में रंग दे मुरारी
रंग दे चुनरिया ओ गिरधारी कोई कहे इसे मैली चदरिया।।

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