बाबो बुलायो म्हाने देस,
चालो थे आयो फागण,
बाबो बुलायो म्हाने देस।।
काई सोचे रे भाईड़ा आयो फागण को त्योंहार,
फागण को त्योंहार आयो फागण को त्योंहार,
काई सोचे रे भाईड़ा आयो फागण को त्योंहार।।
रंग रंगीलो फागण आयो भगता रो इब मन हरषायो,
खाटू जाने की तैयारी इबके आये सबकी बारी,
कितने के दिना के बाद आयो यो मिलने को त्योंहार,
चालो चालो रे साथीड़ा आयो फागण को त्योंहार,
काई सोचे रे भाईड़ा आयो फागण को त्योंहार।।
शीश झुका निशान उठास्या तोरण द्वार में धोक लगास्या,
साथीड़ा संग मिलता जास्याँ जयकारो बाबे को लगास्या,
घूमर घाला द्वार श्याम के नाचण को त्योंहार,
चालो चालो रे साथीड़ा आयो फागण को त्योंहार,
काई सोचे रे भाईड़ा आयो फागण को त्योंहार।।
प्रीतम से मिलने को मौको फागणियो त्योंहार अनोखो,
तरह पेड्या ऊपर बाबो लगा रह्यो है खूब अखाड़ों,
मन की बाता सांवरिये से कर ले तू इक बार,
चालो चालो रे साथीड़ा आयो फागण को त्योंहार,
काई सोचे रे भाईड़ा आयो फागण को त्योंहार।।