ऐसा दरबार कहा ऐसा दातार कहा,
ढूंढी सारी दुनिया ऐसी सरकार कहा।।
मेरी जिंदगी संवारी मुझे अपना बनाके,
अहसान कर दिया है मुझको गले लगा के,
बाबा सारी दुनिया में तेरे जैसा प्यार कहा,
ढूंढी सारी दुनिया ऐसी सरकार कहा।।
मेरी नज़र के आगे हर काम हो रहा है,
तकलीफ मिट गयी है आराम हो गया है,
बाबा मेरे साथ रहे दूजा कोई साथ कहा,
ढूंढी सारी दुनिया ऐसी सरकार कहा।।
सब की है क्या जरूरत बस शम्भु को मना लो,
भक्तो तुम अपना साथी भोलेनाथ को बनालो,
और किसी भी की फिर दरकार कहा,
ढूंढी सारी दुनिया ऐसी सरकार कहा।।