
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरीआज लट्ठों से खेलेंगे होरी
Kanha Ji Ko Yu Chhede Kishori Aaj Lattho Se Khelenge Holi
बरसाने बरसन लगीनौ मन केसर धार ।
ब्रज मंडल में आ गयाहोली का त्यौहार
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
हम तुम से करें बरजोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरी
आज लटठों से खेलेंगे होरी
चढ़ी फागुन की हम पर खुमारी
कान्हा मारो रे भर पिचकारी
भीग जाने दो चुनर ये कोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
श्याम माना की तुम हो खिलाडी
पर समझो न हमको अनाड़ी
कारे तुम से न कम है ये गोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
तुमसे केसा है नाता पुराना
ये हमने या तुमने ही जाना
तुम चंदा तो में हूँ चकोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
आओ आओ तनिक पास आओ
आओ आओ तनिक पास आओ
प्यारे हम से यूँ न शर्माओ
प्यारे हम से यूँ न शर्माओ
होगी खुलकर के जोरा जोरि
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
कान्हा जी को यूँ छेड़े किशोरी
आज लट्ठों से खेलेंगे होरी
Aaj Lattho Se Khelenge Holi – Holi Song Lyrics