वाह रे वाह घोटे वाले तेरा है खेल निराले
वाह रे वाह घोटे वाले तेरा है खेल निराले,जिस ने संसार सम्बाला उसकी तू नाव संभाले,भगती है तेरा गहना तेरे बल का क्या कहना,कर दो न जीवन हमने तेरे हवाले,वाह रे वाह घोटे वाले तेरा है खेल निराले।। ढूंड रहे थे मात सिया को वन में जब रघुराई,तू ही उनका बना था सहाई,सात समुंदर लांग … Read more