जैसे राम जी के संवारे तुमने ओ अंजनी के लाला
जैसे राम जी के संवारे,तुमने ओ अंजनी के लाला,वैसे मेरे भी काज संवारो,मेरे बजरंगी जी बाला।। लेने को सिया की खबरिया,गए तुम सहस्र योजन,क्यों नहीं जाना तुमने,मेरे हृदय का प्रयोजन।। तिरा कर पत्थर तुमने,तारन हार को तारा,मैं भी तो हूं भंवर में,काहे मुझे बिसारा।। लाके संजीवनी तुमने,प्राण लखन के थे बचाए,लौटाई सुधि थी उनकी,क्यों दी … Read more