मेरे बाबा तुझे चढ़ गया कैसा खुमार जो ऐसे छम छम नाच रहा
मेरे बाबा तुझे चढ़ गया कैसा खुमारजो ऐसे छम छम नाच रहा।। चड़ा है तुझपे किस का रंग जो बदला तेरा ऐसा रंग,सिन्धुरी रंग से तू कर बैठा श्रृंगारजो ऐसे छम छम नाच रहा।। ये लटके झटके तेरे भरपूरहुआ तू किस मस्ती में चूरहो सोटे वाले तुझे हो गया किस से प्यारजो ऐसे छम छम … Read more