श्री हनुमान अमृतवाणी अवधी
जय हनुमान वीर बलवानाशूर वीर चतुर सुजानाराम रतन धन तुम्ही ने पाएसियाही राम तुम ह्रदय बसायो ।। पवन वेग है गति तुम्हारीरूप धार विकराल विशालापवन पुत्र अंजनी के लाला।। अति बलवान चतुर और अति ग्यानीतीनो लोको के सैलानीचारो युग प्रताप तुम्हाराहरी पर सिद्द जगत उजियारा।। सुरसा से भाई भेट तुम्हारीकइके छल बल सब वो हारीबल … Read more