प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे
प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे Prem Nagar Ki Dagar Hai Kathin Re प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे,बटोई ना करना वसेरापग बड़ा हो ना जाए अँधेरा,प्रेम नगर की डगर हैं कठिन रे।। यह तन है कोटि नवरियाँ रे प्राणी,भरने न पाए इस में पापो का पानी,नादान केवट सम्बल के चलो मीतमाया भवर … Read more