खाटू में जब से पाँव पड़े है मेरे घर के आगे शयाम खड़े है
खाटू में जब से पाँव पड़े हैमेरे घर के आगे शयाम खड़े है।। दुखडो को देखे ज़माना है बीता,वरना बताओ कैसे मैं जीता,जो उलझे थे धागे सुलझने लगे है,मेरे घर के आगे शयाम खड़े है।। मतलब के साथी तुम्हे हो मुबारक,तुम्हारी बदौलत मैं आया यहाँ तक,खाटू से जब से रिश्ते जुड़े है,मेरे घर के आगे … Read more