खाटू आना जाना जब से बढ़ गया
खाटू आना जाना जब से बढ़ गया,श्याम प्रेम का मुझपे भी रंग चढ़ गया,रंग चढ़ गया रंग चढ़ गया श्याम का ,खाटू आना जाना जब से बढ़ गया।। पहले तो हम साल में इक दो बार मिल पाते थे,यादो के सहारे ही अपना वक़्त बिताते थे,दिल में है क्या ये पड़ लेता जब चाहे भुला … Read more