भले कुछ और मुझे तू देना ना देना मगर इतनी किरपा श्याम मुझ पे करना
भले कुछ और मुझे,तू देना ना देना,मगर इतनी किरपा,श्याम मुझ पे करना,खर्चा मैं घर का चलाता रहूँ,जब तू मुझे बुलाए खाटू आता रहूँ,भलें कुछ और मुझे,तू देना ना देना,मगर इतनी किरपा,श्याम मुझ पे करना……… दुनिया की नजरो में ये घर मेरा है,वो क्या जाने दिया हुआ सब तेरा है,दो रोटी इज्जत की,सदा देते रहना,तेरी इतनी … Read more