तुम्हरा क्या कहना है श्याम तुम्हे न भूलू सुबहो शाम
जुबा जुबा पे चर्चा इनका है इतनी मकबूल,होती है श्री श्याम के दर पे सब की दुआ कबूल.तुम्हरा क्या कहना है श्याम तुम्हे न भूलू सुबहो शाम।। इनकी बात निराली इनका जग में ऊंचा नाम,जो हर सेह को सोना करदे वो पारस है श्याम,इनका नाम लिए दुःख बागे इन्हे वो है शक्ति,भंडारे भर जाए जो … Read more