तेरी शरण में आया दीवाना करलो न स्वीकार
तेरी शरण में आया दीवानाकरलो न स्वीकार,कन्हैया लेकर असुवन धार।। मैं तो हु एक दीं अनाथा,तुम तो हो दुनिया के विदाता,मेरा भी प्रभू भागयेजगा दो मानुगी उपकार,कन्हैया लेकर असुवन धार।। आंसू हो आँखों का गहना,चाहे बस चरणों में रहना,आंसू ही दौलत हैहमारी सवालियां सरकार,कन्हैया लेकर असुवन धार।। हारे के साथी कहलाते,मोहित भगत की लाज बचाते,जनम … Read more