तेरे कई जन्म बन जायें जो हरि से प्यार हो जाये
तेरे कई जन्म बन जायें,जो हरि से प्यार हो जाये।। तेरे कई जन्म बन जायें,जो हरि से प्यार हो जाये।। तो करुणाकर से कोई दिन,तेरा दीदार हो जाये।। भटकता रहता है प्राणी,जन्म मृत्यु के बंधन में,जगत के मोह माया में,वही रिश्तों के बंधन में,ये उलझन सारी मिट जाये,जो प्रभु पतवार हो जाये।। ये तेरा है … Read more