कान्हा तेरी बंसुरिया जुलम करी रे
जब बाजे तू दिल में जखम करी रेकान्हा तेरी बंसुरिया जुलम करी रे।। बजती है जब जब ये यमुना के तट पेबजती है जब जब ये यमुना के तट पेलागे हिथोड़ा सा हिरदये के पट पेमेरे सांसो की धडकन ये कम करी रेकान्हा तेरी बंसुरिया जुलम करी रेकान्हा तेरी बंसुरिया जुलम करी रे।। मधुवन में … Read more