सावन की ऋतू झूलों की बहार है
सावन की ऋतू झूलों की बहार है बहार हैरिमझिम रिमझिम पड़ने लगी फुहार है।। वृन्दावन की कुंजी सज गयी बरसाने में पता ये चल गयीनन्द गाँव से आये नन्द कुमार हैरिमझिम रिमझिम पड़ने लगी फुहार है।। सावन की ऋतू झूलों की बहार है बहार हैरिमझिम रिमझिम पड़ने लगी फुहार है।। राधा संग विशाखा आयी संग … Read more