तुम्हारी फितरत है ऐसी की दीन दुर्बल के काम आना
तुम्हारी फितरत है ऐसी कीदीन दुर्बल के कामदुखो से लड़कर जो गिर पड़े हैसहारा देकर उन्हें उठाना।। तुम्हारी फितरत है ऐसी कीदीन दुर्बल के काम आना ।। कभी ना सुख की ही सांस ली हैकभी ना सुख की ही सांस ली हैदबे रहे जो गमो के नीचेतुम ऐसे होठो को फिर ख़ुशी दोजो भूल बैठे … Read more