जितना राधा रोई-रोई कान्हा के लिए
जितना राधा रोई-रोई कान्हा के लिए,कन्हैया उतना रोया-रोया है सुदामा के लिए यार की हालत देखि,उसकी हालत पे रोयायार के आगे अपनी शानो शौकत पे रोयाऐसे तड़पा जैसे समा परवाना के लिएकन्हैया उतना रोया-रोया है सुदामा के लिए.. यार को लगा कलेजे बात भर भर के रोयाऔर अपने बचपन को याद कर कर के रोयाये … Read more