सुने री मैंने निरबल के बल राम
सुने री मैंने निरबल के बल राम ,सुने री मैंने निरबल के बल राम।। सुने री मैंने निरबल के बल राम ,पिछली साख भरूँ संतन की अड़े सँवारे काम।। जब लग गज बल अपनो बरत्यो, नेक सरयो नहीं काम ,निर्बल है बल राम पुकारयो,आये आधे नामसुने री मैंने निरबल के बल राम।। द्रुपद सुता निर्बल … Read more