मोहन बन गये नर से नार छमाछम नाचे कृष्ण मुरार
मोहन बन गये नर से नार,छमाछम नाचे कृष्ण मुरार,देखो कैसे सजे है ये नंद के दुलार,मोहन बन गये नर से नार।। ढीला ढीला घागरा है,रंगीली चुनरी,पाँव में पैंजनिया,सूरत है भोली,छायो रूप है अपार,चले दिल पे कटार,देखो कैसे सजे है,ये नंद के दुलार,मोहन बन गये नर से नार।। अखियों में कजरा,होंठो पे लाली,नाक में नथनिया,कानो में … Read more