खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में

खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में,खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में,री हाँ आज बरसाने में,री हाँ आज बरसाने में,खेले रे खेले रे खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में,खेले सखियाँ संग फाग आज बरसाने में।। अकड़ के संग ग्वालो के ढोले,जय भानु के जमाई के बोले,जैसे हो इनका ही राज आज बरसाने मे,जैसे … Read more

राधे मन में है तू ही तू मेरे तन में भी तू

राधे मन में है तू ही तू मेरे तन में भी तू,राधे मन में है तू ही तू मेरे तन में भी तू।। राधे मन में है तू ही तू मेरे तन में भी तू,राधे मन में है तू ही तू मेरे तन में भी तू।। अर्जी करू मैं शीश झुका के,बस एक ही सपना … Read more

राधे नजरे इनायत करो

राधे नजरे इनायत करो,राधे नजरे इनायत करो,तेरी रहमत का मोहताज हूँ।। राधे नजरे इनायत करो,राधे नजरे इनायत करो,तेरी रहमत का मोहताज हूँतेरी चौखट पे मैं आ गया,राधे तेरी शरण आज हूँ,राधे नजरे इनायत करो,तेरी रहमत का मोहताज हूँ।। मैं तो दुनिया में भटका बहुत,मैं तो दुनिया में भटका बहुत,हर दर से निराशा मिली,पूरी कर दे … Read more

आया फागण का महीना कान्हा मुझसे मिलने आना

आज ब्रज में होली रे रसियाआया फागण का महीना कान्हा मुझसे मिलने आनाआया फागण का महीना कान्हा मुझसे मिलने आनातुम मुझसे मिलने आना करना ना कोई बहानाहोली खेलेंगे हम साथ तुम मुझसे मिलने आना।। कान्हा मुझसे मिलने आनाहोली खेलेंगे हम साथतुम मुझसे मिलने आनाहोली खेलेंगे हम साथतुम मुझसे मिलने आना ।। तेरे गाल में रंग … Read more

बरसाने से आई रे जाके कान्हा से कह दो

होली खेलन राधा आयी रे जाके कान्हा से कह दो,कान्हा से कह दो मुरली से कह दो,बरसाने से आई रे जाके कान्हा से कह दोबरसाने से आई रे जाके कान्हा से कह दो।। छम छम करती महल से निकली,संग सहेली लाई रे जाके कान्हा से कह दो,बरसाने से आई रे जाके कान्हा से कह दोबरसाने … Read more

कान्हा आजा ब्रज में रंग बरसे

कान्हा आजा ब्रज में रंग बरसे,हम खेलेगे होली दोनों जने ।। कान्हा नन्द गाँव तो दूर घना,बरसाने मिलेगे दोनों जने,कान्हा आजा ब्रज में रंग बरसे।। कान्हा बदले ल्युंगी गिण गिणके,तूने नैन रुलाये बहोत घने,कान्हा आजा ब्रज में रंग बरसे।। कान्हा सारी सखियाँ बाट मैं,हम प्रेमी हमजोली दोनों जने ,कान्हा आजा ब्रज में रंग बरसे।। कान्हा … Read more

होली खेल रहे बांके बिहारी

आए भाग खेलन गोपाल बरसाने मेंकावे ख्याल देदे ताल उड़ हर्षित हैइत ते किशोरी गोरी साखियां उत महानइत ते किशोरी गोरी साखियां उत महान ।। लेके अबीर पे कपूर बरसत है,लेके अबीर पे कपूर बरसत है,लेके अबीर पे कपूर बरसत है,लेके अबीर पे कपूर बरसत है,ओ होली खेल रहे हा हाहोली खेल रहेबांकेबिहारी आज रंग … Read more

ब्रज भूमि भई गुलाबी रे सखी होली खेले कन्हाई

ब्रज भूमि भई गुलाबी रे,सखी होली खेले कन्हाई,सखी होली खेले कन्हाई,फागुन में धूम मचाई,ब्रज भूमि भई गुलाबी रे।। रंग गुलाल उड़े गलियन में,सांवल रंग समा गयो मन में,मोरी चुनरी आज भिगाई रे,सखी होली खेले कन्हाई,ब्रज भूमि भई गुलाबी रे।। बरसाने की राधा प्यारी,कान्हा के हठ आगे हारी,राधा की पकड़ी कलाई रे,सखी होली खेले कन्हाई,ब्रज भूमि … Read more

होली खेलनी ऐ आज तेरे नाल वृन्दावन रेहान वलियाँ

होली खेलनी ऐ आज तेरे नाल वृन्दावन रेहान वलियाँ,वृन्दावन रेहान वलियाँ,वृन्दावन रेहान वलियाँ,होली खेलनी ऐ आज तेरे नाल वृन्दावन रेहान वलियाँ।। थक गया जग नाल खेल खेल होलियां,भर भर रंगा दियां गागरा ने ढोलियाँ,रंग लेह गया नालो नाल वृन्दावन रेहान वलियाँ,होली खेलनी ऐ आज तेरे नाल वृन्दावन रेहान वलियाँ।। छड़ मुरली हूँ फड़ पिचकारी वे,प्रेम … Read more

हरि खेल रहे ब्रज में होली

हरि खेल रहे ब्रज में होली,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। कौन गांव के कृष्ण कन्हाई,और कहा के राधा गोरी,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। गोकुल के है कृष्ण कन्हाई,बरसाने की राधा गोरी,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। का रंग मेरे कृष्ण कन्हाई,का रंग है राधा गोरी,हरि खेल रहे ब्रज में होली।। श्याम रंग मेरे … Read more