तेरे प्रेम का रंग है न्यारा रे
तेरे प्रेम का रंग है न्यारा रेसारा जग ही लगे अब प्यारा रेचारो और है वो उजियारामोहे सुध ना रही दिन रैन कीतेरे प्रेम का रंग है न्यारा रे कान्हा से ना रहे गयी कोई दूरी रेअधजल गगरी आज हुए है पूरी रेनचू ओढ़ चुनर सिंदूरी रेबुझी प्यास जो मन बेचैन थी मोहे सुध ना … Read more