मेरे सँवारे के तो खेल निराले है
मेरे सँवारे के तो खेल निराले है,निराले है जी निराले है,अपने भगतो के सँवारे रखवाले हैमेरे सँवारे के तो खेल निराले है।। फरमान जग में इन्ही का चला है,पता भी इनकी रजा से हिला है,इनकी महिमा से हमतो अनजाने हैमेरे सँवारे के तो खेल निराले है।। विश्वाश भगवन सदा बढ़ता जाए,कष्टों को सेह कर भी … Read more