एक मैं एक दिल मेरा है बावरा
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में कान्हा कैसे आऊं मैंजनम जनम का प्यासा हूँ अब कैसे प्यास बुझाऊं मैंऐसी युकिती मोहे बता जो भव सागर तर जाऊं मैंबीच फांसी मझधार ये नैया कैसे पार लगाऊं मैं ।। ना कान्हा मोहे अब ना सत्ता रेप्रेम गली का मुझको पता देतेरी यादों से मिले आसराएक मैं एक दिल … Read more