राधा तेरे बिना तेरा श्याम है आधा
ओ राधा तेरे बिना तेरा श्याम है आधाओ कान्हा तेरे बिना आधी तेरी राधाएक ही दिल एक ही जान तेरा श्याम ही क्यों आधाओ कान्हा तेरे बिना मेरा ये रूप रंग तेरा हुआतेरा ये प्रेम रंग मेरा हुआधरती है तू मैं अंबार बनूंगालहरें बनी तू मैं सागर बनूंगामैं तुझमे बसी फिर भी है प्रेम ज़्यादाओ … Read more