बावरे नैना भरे रहे रात भर
बावरे नैना भरे रहे रात भरसोए जागे जागे सोए जाने किस बात परमान खुश भी है बेचैन भीउलझन कैसी दिन रात की अब तूही आके बोल कान्हागाते सारी खोल कान्हातू जो कहदे चल जौ इश्स आग परजल जौ इश्स आग पर मान चाहे पंख लगाकरसारी खुशिया ये पाकर कही उड़ जाोइन्न मुसकनो पे मेराअधिकार क्या … Read more