सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई
सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई,जीवन लो थार तराई आबहु नहीं आये कन्हाई,सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई।। तेरी याद में पल पल रोऊ मुख असुअन से मल मल धोऊ,मेरी हुई जग हसाई आबहु नहीं आये कन्हाई,सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई।। सुनकर तेरी दया की गाथा तेरे दर … Read more