कितना प्यारा तेरा कितना सोहना
कितना प्यारा तेरा कितना सोहनातेरा मुखड़ा सांवरिया नज़ारे और क्या देखे,मोर मुकट माथे चन्दन का टिका है,तुमसे चमकना चाँद सूरज ने सीखा है,गल फूलो की माला होठो पे बांसुरियांनज़ारे और क्या देखेकितना प्यारा तेरा कितना सोहना।। सांवला है रूप तेरा नैन कजरारे है,उसपे ये काले काले केश घुंगराले है,जिसको देख के होता मन येपावरियाँ,नज़ारे और … Read more