प्रीत तुझसे लगाई मज़ा आ गया
प्रीत तुझसे लगाईमज़ा आ गया।। मेरे बनके पियादिल तुझको दियाप्रीत तुझसे लगाईमज़ा आ गया।। मेरे बनके पियादिल तुझको दियाप्रीत तुझसे लगाईमज़ा आ गया।। मैं गोकुल गयीमैं मथुरा गयीवृंदावन में जो आईमज़ा आ गया।। मेरे बनके पियादिल तुझको दियाप्रीत तुझसे लगाईमज़ा आ गया।। पाट जैसे खुलेतेरे दर्शन हुएतेरी सूरत निहारीफिदा हो गयी।। तेरी बंसी सुनीमैं दीवानी … Read more