भेष बदलकर नारी बनकर चले है तनकर श्याम
भेष बदलकर नारी बनकर,चले है तनकर श्याम,सभी को भा गए है,बिरज में आ गए है।। ओ राधिका,मैं तो दीवाना तेरे नाम का,झूठा बहाना राधा,अब ना तेरे किसी काम का,रूप श्याम का,तेरे नाम का,जानू पता गाम का,सभी को भा गए है,बिरज में आ गए है,वेश बदलकर नारी बनकर,चले है तनकर श्याम,सभी को भा गए है,बिरज में … Read more