तृष्णा ना गयी मेरे मन की माया ने हर जीव लुभाया
तृष्णा ना गयी मेरे मन की माया ने हर जीव लुभाया Trishna Na Gayi Mere Man Ki Maya Ne Har Jeev Lubhaya तृष्णा ना गयी मेरे मन कीमाया ने हर जीव लुभाया।। हर बारी भई मनतृष्णा ना गयी मेरे मन की।। कनक समान है जीवन तेरान्योचछवर चरनो मेंरघुवर के न्योचछवर चरनो में।। प्रभु नाम की … Read more