दुश्मनी की तो क्या पूछिये दोस्ती का भरोसा नहीं
जमी से आये है जमी पर चल कर देख लेते हैचलो हम भी बुलंदी से उतर कर देखलेते हैजो मुझसे रोज कहते थे जान दें देंगेचलो उन दोस्तों को आजमा कर देख लेते है।। कमजर्फ के हाथो से हम मलहम नहीं लेंगेबाला से जखम रिश्ते हुए नासूर बन जायेजिन्हे तू दोस्त कहता है उन्ही से … Read more