हर एक डगर हर मंज़िल पर एक तेरा सहारा काफ़ी है
हर एक डगर हर मंज़िल परएक तेरा सहारा काफ़ी हैमझदार में हो या साहिल परहे राम पुकारा काफ़ी है।। मुझे एक अकेले क्या गम हैमैं हू तू है ये क्या कम हैमुझे एक अकेले क्या गम हैमैं हू तू है ये क्या कम हैमैं हू तू है ये क्या कम है।। तू साथी है तो … Read more