जय कारे बोलते चलो भवन हमें जाना है माँ के
जय कारे बोलते चलो भवन हमें जाना है माँ के,मन में है धारणा हिमत ना हारना,चलना है चलते रहो भवन हमें जाना है माँ के।। मन में सिमर ते चलो आंबे माँ को,पवन करो अपनी अपनी जुबा को,माँ का जैकारा है,लाखो को तारा हैकदमो को आगे रखो,भवन हमें जाना है माँ के।। लम्बी से लम्बी … Read more