बहे सत्संग का दरिया नहा लो जिस का जी चाहे
बहे सत्संग का दरिया नहा लो जिस का जी चाहे Bahe Satsang ka Dariya Naha Lo Jiska Jee Chahe बहे सत्संग का दरिया नहा लो जिस का जी चाहे,करो हिम्मत लगा डुबकी नहा लो जितना जी चाहे,बहे सत्संग का दरिया नहा लो जिस का जी चाहे।। हज़ारो रतन है इसमें इक से इक बड़याला,नहीं कोई … Read more