भज ले प्राणी रे अज्ञानी दो दिन की जिंदगानी रे कहाँ तू भटक रहा है
भज ले प्राणी रे अज्ञानी दो दिन की जिंदगानी रे कहाँ तू भटक रहा है Bhaj Le Prani Re Agyani Do Din Ki Jindgaani भज ले प्राणी रे अज्ञानी दो दिन की जिंदगानी,रे कहाँ तू भटक रहा है यहाँ क्यों भटक रहा हैभज ले प्राणी रे अज्ञानी दो दिन की जिंदगानी।। झूठी काया झूठी माया … Read more