मन चल वृन्दावन चलिए जित्थे रहंदे सांवल शाम
मन चल वृन्दावन चलिए जित्थे रहंदे सांवल शाम Man Chal Vrindavan Chaliye मन चल वृन्दावन चलिए,जित्थे रहंदे सांवल शाम,जित्थे रहंदे ने बेपरवाह।। जित्थे यमुना पई ठाठा मारदी,मन तू वी जाके गोता ला ।। जित्थे रिश्ते ना नाते ना अपने ,जित्थे ना कोई धूप है ना छा है ,जित्थे ना कोई बहन भरा।। जित्थे निन्देया ना … Read more