होई जाओ संत सुधारो थारी काया जी

होई जाओ संत सुधारो थारी काया जी Hoi Jao Sant Sudharo Thaari Kayaji करो तो आछी करो और बुरी विचारो नाय,कसर पड़े ज्यूँ मति करो इण ओछी उमर रे माय।। होई जाओ संत सुधारो थारी काया जी,अपने धनीयारा मारग झीणा है ओ रावल माल,समझयोड़ा हो तो झीणो रे मार्ग हालो जी,रथ ने घोड़ा ने धीमा … Read more

सुन सुन रै सतसंग री बातां

सुन सुन रै सतसंग री बातां Sun Sun Re Satsang Re Baata एक घड़ी आधी घड़ी और आधी में पूनी आध,तुलसी सत्संगत संत की मिटे करोड़ अपराध,तपस्या बरस हजार की सतसंग की घड़ी एक,तो भी बराबर ना तुले मुनि सुखदेव की विवेक।। सुन सुन रै सुन सुन रै,सुन सुन रै सतसंग री बातां,जनम सफल हो … Read more

रमझम रैल चलाई रे जोगिया

रमझम रैल चलाई रे जोगिया Ramjham Rail Chalai Re Jogiya रमझम रैल चलाई रे जोगिया,रमझम रैल चलाई,उड़े आकाशा माई रे जोगिया,उड़े पवन रे माहीं,किया घरा में जाई रे जोगिया,किया घरा में जाई,रमझम रेल चलाई,रमझम रैल चलाई रे जोगिया थरुं टिकट कोई ना लेवे,अध बिच उतर जाई,रमझम रेल चलाई रे जोगिया,रमझम रैल चलाई रे जोगिया इण … Read more

हम जाने वाले पंछी मत हमसे प्रीत लगाना

हम जाने वाले पंछी मत हमसे प्रीत लगाना Hum Jaane Wale Panchhi Mat Humse Preet Lagana कबीर खड़ा बाज़ार में लिए लकुटी हाथ,जो घर फूंके आपणा चले हमारे साथ।। हम जाने वाले पंछी मत हमसे प्रीत लगाना,हम जाने वाले पंछी मत हमसे प्रीत लगाना।। लोक लाज तज भए भिखारी लिया फ़कीरी बाना,आज यहाँ कल और … Read more

डाली कर जोड़ सुनावे निज सतगुरु ने समझावे

डाली कर जोड़ सुनावे निज सतगुरु ने समझावे Daali Kar Jod Sunave Nij satguru Ne Samjhave डाली कर जोड़ सुनावे निज सतगुरु ने समझावे,हो म्हारा बाप जी मैं तो लेउला समाधि थांसू पहली।। राम सरोवर उबा रुणेचे रा राजा,समाधि छीणिजे बाजे एक टंग का बाजा,डाली कर जोड़ सुनावे निज सतगुरु ने समझावे,हो म्हारा बाप जी … Read more

काया ने सिंगार कोयलिया पर मंडली मत ज्याजे रै

काया ने सिंगार कोयलिया पर मंडली मत ज्याजे रै Kaaya Ne Singaar Koyaliya Par Mandali Mat Jyaaje Rai काया माया पावणी और कियाँ घर होय,राखोड़ी रहवे नहीं,उठ चले पट खोल,भाग बिना मिलता नहीं भली वस्तु का भोग,दाख फले बैसाख में हुवे काग गले रो रोग,काया ने सिंगार कोयलिया पर मंडली मत ज्याजे रै,पर मंडली रा … Read more

पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी

पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी Panchhida Laal Aachhi Padhiyo Re Ulati Paa पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी,ईश्वर ने तू भूल गयो रै लख चौरासी काटी,पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो रे उलटी पाटी।। गर्भवास में दुःख पायो थारे घणां दीना री घाटी,बाहर आय राम ने भूल्यों उल्टी पढ़ ली पाटी,पंछीड़ा लाल आछी पढ़ियो … Read more

ढोलर बाज्यों रे सईयों आई सावण तीज सुहावणी

ढोलर बाज्यों रे, बाज्यो रै,सईयों आई सावण तीज सुहावणी,नान्ही-नान्ही बूँद पड़े छेम्हारो लहरयो भीज्यो रै,सईयों आई सावण तीज सुहावणी।। ढोलर बाज्यो रे, बाज्यो रै,सईयों आई सावण तीज सुहावणीकदम्बा की डाल पेढोलर घाल्यो, गीन्दड़ चाल्योहरिया बन की कोयल बोले,लागे चोखो भलो रै,सईयों आई सावण तीज सुहावणी,ढोलर बाज्यो रे, बाज्यो रैसईयों आई सावण तीज सुहावणी।। आपस में … Read more

किसको कहूँ भजन री बाताँ लोग भरम में भुला हो

राम का नाम कल्याण है और राम का नाम कल्याण,जिण घर हरी कथा हुए भई वो घर सदा ही कल्याण।किसको कहूँ भजन की बाताँ लोग भरम में भुला हो,किसको कहूँ भजन री बाताँ लोग भरम में भुला रे भाई,सुख सागर हरी नाम छोड़ कर दुःख सागर ने झूला ओ।। पांच तत्व गुण तीन कहियो काया … Read more

हम पंछी परदेशी मुसाफ़िर आये हैं सैलानी

हम पंछी परदेशी मुसाफ़िर आये हैं सैलानी Hum Panchhi Pardeshi Musafir Aaye Hai Sailani कबीर मन पंछी भया भावे तो उड़ जाय,जो जैसी संगती करें वो वैसा ही फल पाय,कबीर तन पंछी भया, जहां मन तहां उडी जाइ,जो जैसी संगती कर, सो तैसा ही फल पाइ,हम वासी उन देश के, जहाँ जाती वरण कुल नाहीं,शब्द … Read more