मैं बैठी लगा कर आस राम घर आवन की
मैं बैठी लगा कर आसराम घर आवन की।। मैं बैठी लगा कर आसराम घर आवन की।। पथ रघुवर के मैं पलक बिछाऊरेशम वसन कहा से लाऊ।। मेरी दीन कुटी का वास ना छोड़देखने की राम घर आवन की।। मैं बैठी लगा कर आसराम घर आवन की।। औरन के घर में जग मायामेरे भाग्य राम धन … Read more