कुछ है तेरी मजबूरी कुछ मेरी मजबूरी राम
कुछ है तेरी मजबूरी कुछ मेरी मजबूरी राम Kuchh Hai Teri Majboori Kuchh Meri Majboori Ram कुछ है तेरी मजबूरी कुछ मेरी मजबूरी राम,हम दोनो जब मजदूरे तो फिर कैसी मजदूरी राम,हम दोनो जब मजदूरे तो फिर कैसी मजदूरी राम ॥ चलते चलते उमर कटी बस लगा रहा आना जाना,आना जाने की उलझाना मे फिर … Read more