रामायण सिद्ध चौपाइयां
रामायण सिद्ध चौपाइयां Ramayan Siddh Choupaiyan सिय राम मय सब जग जानी,करहु प्रणाम जोरी जुग पानी। मंगल भवन अमंगल हारी,द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी। दीन दयाल बिरिदु संभारी,हरहु नाथ मम संकट भारी। सीता राम चरन रति मोरे,अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरे। सनमुख होइ जीव मोहि जबही,जन्म कोटि अघ नासहिं तबही। अब प्रभु कृपा करहु एहि भाँती,सब तजि … Read more