थे झूलो री म्हारी मायड़ तो मन हरषे
दादी जी झूलो तो घालयोथे झूलो री थे झूलो रीथे झूलो री म्हारी मायड़ तो मन हरषे।। टाबरिया थाने तो रिझावेटाबरिया थाने तो रिझावेथे आओ तो म्हारी दादी तो मन हरषे।। रंग बिरंगा फुलड़ा तो मैं लायीथे झूलो री थे झूलो रीथे झूलो री म्हारी मायड़ तो मन हरषे।। थारे बिना कोई जी म्हारोम्हे थाने … Read more