प्रेम तुम्हारा हमको झुंझुन खींच लता है

भादो का जब जब माँ मेला आता है,प्रेम तुम्हारा हमको झुंझुन खींच लता है,आँखों में जब जब तेरा चेहरा आता है,प्रेम तुम्हारा हमको झुंझुन खींच लता है।। झुंझुनू के गांव की वो बंद गलियां,मंदिर की बगीची की फूलो की बगियाँझुंझुन की माटी की खुसबो सवाली,दादी की चरणों का वो निर्मल पानी,दर्शन तेरे करने से ही … Read more

हीरा मोत्या सू जड़यो रे ल्याया लाल चुनरी

हीरा मोत्या सू जड़यो रे,ल्याया लाल चुनरी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी ।। लाल कसुमल दादी,घणी मन मोहणी,ओढके देखो थारे,लागसी या सोवणी,सारी दुनिया में करेगी,या धमाल चुनरी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी,जाने ओढ्या दादी लागसी,तु आज बनड़ी।। जयपुर को माँ,पोत है भारी,ई चुनरी न निरखे,दुनिया या सारी,देख्या मन हरसावे,या कमाल … Read more

मावड़ी पल में मान जाती है

मावड़ी पल में मान जाती है,सुन के पुकार आती है।। हम बेखबर है माँ को खबर है,अपने भक्त पे माँ की नजर है,लाज ये भक्तो की बचाती है,मावड़ी पल में मान जाती है।। भगतो की खातिर दादी बनी है,भुजते दिये की बाती बनी है,रिश्ता ये भगतो से निभाती है,मावड़ी पल में मान जाती है।। किस्मत … Read more

मिल रहा है प्यार कितना दादी तेरे धाम

मिल रहा है प्यार कितना दादी तेरे धाम,क्यों रहु मैं दूर तुझसे प्यारी मेरी माँ,चुनड़ी के पल्ले से छाव करदे माँ,ममता की गोद में बिठा ले मेरी माँ।। तुझसे चलती नैया मेरी करती न परवाह तू मैया मेरी,माझी बन जाए आके इक बार मेरी माँ,ममता की गोद में बिठा ले मेरी माँ।। दुःख में सताये … Read more

दादी को है मेलो सजा ले तू थाल

दादी को है मेलो सजा ले तू थालचाल मेरे सागे तू झुंझुनू में चाल भादों और मंगसीर में मेलो है लागेलोग लुगाई जावे टाबरा के सागेनाचे है सगला ही घुमर तो गालचाल मेरे सागे तू झुंझुनू में चाल मेले में लागे गो दरबार भारीमोटी सेठानी की महिमा है न्यारीखोल के खजाना लुटावे गी मालचाल मेरे … Read more

मैं दो दो माँ का बेटा हूँ दोनों मैया बड़ी प्यारी है

मैं दो दो माँ का बेटा हूँ दोनों मैया बड़ी प्यारी है,एक माता मेरी जननी है एक जग की पालनहारी है,मैं दो दो माँ का बेटा हूँ।। मैं जननी को जग माँ कहता वो सिर पर हाथ फिराती है,एडगे ला दाढ़ी को जग माता बतलाती है,मैं उसकी गोद में जाता हु वो तेरी शरण दिखती … Read more

दादी जी आओ थारा मैं लाड लड़ाउंगी

दादी जी आओ थारा मैं लाड लड़ाउंगीहे पीठे ऊपर बैठोथारा चरण दबाऊँगी दादी जी आओ थारमैं लाड लड़ाउंगी हे पीठे ऊपर बैठोथारा चरण दबाऊँगी मेहंदी सुरंग रचनामैं घोल के लायी माँद डोनो हाथ बढ़ाओथारा हाथ रचाऊँगी हे पीठे ऊपर बैठोथारा चरण दबाऊँगी मैं खन खन करतीबजानी पैजनिया लायी माँ थारा नजुक जोड़ी बड़ाओपायल पहनौंगी पीठे … Read more

थाने ध्याऊ सुबहो शाम माँ मनाओ आठो याम

थाने ध्याऊ सुबहो शाम,माँ मनाओ आठो याम म्हारो ध्यान रखियो,थाने ध्याऊ सुबहो शाम।। लै आयो थारी खातिर ये लालकसुमल चुनड़ी ए ओहडो मैया ,माहरे सिर पर मैया थारे आँचल की छइयां,थाने ध्याऊ सुबहो शाम।। लयाओ थारे खातिर ये लालसुरंगी मेहँदी मंड़वाले थारो हाथ,मेहँदी रा चाहा था मैं भावभरलो माता लगाओ म्हारा लाड,थाने ध्याऊ सुबहो शाम … Read more

प्रेम का धागा तुमसे बंधा टूटेना

प्रेम का धागा तुमसे बंधा टूटेना Prem Ka Dhaga Tumse Bhandha Tootena प्रेम का धागा तुमसे बंधा टूटेनाप्रेम का धागा तुमसे बंधा टूटेनाचहे जग रूठे मेरी दादिजी रूठे ना गायक – मुल्चंद बजाज प्रेम का धागा तुमसेबंधा टूटेना चहे जग रूठेमेरी दादिजी रूठे ना ना धन दौलतना हाय शोहरतऔर ना कोई खजाना दिल ये चाहे … Read more

दादी इतनी किरपा करिये दर पे आवता रहवा

दादी इतनी किरपा करिये दर पे आवता रहवा Dadi Itni Kirpa Kariye Dar Pe Aawta Rahwa दादी इतनी किरपा करिये,दर ते आवता रहवा,मैं तो थारे दरबार से मांगता रहा।। थोड़ो थोड़ो देवो दादो बार बार आवेगा,दादी तने मीठा मीठा भजन सुनवा गा,माहरी झोली इतनी भरिये मैं भी भांत ता रहा,मैं तो थारे दरबार से माँ … Read more