मेरे सिरहाने खड़ी है दादी सर पे हाथ फिराती है
जब जब मेरा मन घबराए और तकलीफ़ सताती है,मेरे सिरहाने खड़ी है दादी सर पे हाथ फिराती हैमेरे सिरहाने खड़ी है दादी सर पे हाथ फिराती है।। लोग से समझे मैं हूँ अकेला लेकिन साथ में मैया है,लोग ये समझे डूब रहा मैं चल रही मेरी नैया है,जब जब तूफा आते हैं ये खुद पतवार … Read more