थारी लाल चुनरियाँ प्यारी आभा मुख मंडल की न्यारी

थारी लाल चुनरियाँ प्यारीआभा मुख मंडल की न्यारी,मुकट जिया थारे चमके थारोरूप सुहानो दादी भगत वार वार बिरखे।। जाने कौन थाने दादी आज सजायो है,राज दी सुरंगी मेहँदी हाथो में रचायो है,थारी काजल आख्या वाली थारी होठा री माँ लाली,माथे बिंदियां चमके,थारो रूप सुहानो दादी भगत वार वार बिरखे।। लाल जारी की साडी माँ सोवे,कब … Read more

माँ झुँझन वाली बड़ी भोली भाली अपने भगतो की करती रखवाली

डंका जग की महारानी काबजता मोटी सेठानी का,झुँझन जैसा धाम नहीं हैसब की जुबा पे नाम यही,माँ झुँझन वाली बड़ी भोली भालीअपने भगतो की करती रखवाली।। भगतो को आधार तेरा साँचा है दरबार तेरा,सारा ही जग जान गया तू सतियो की सिर मोर,ममता की भंडार है तू जग की पालनहार है तू,हो नहीं सकता माँ … Read more

भक्ता पे थोड़ी सी मेहर करदे भक्ता पे मावरी नजर करदे

भक्ता पे थोड़ी सी मेहर करदे भक्ता पे मावरी नजर करदे Bhakta Pe Thodi Si Mehar Karde Bhakta Pe Maavri Nazar Karde थारे होते टाबर थारा कैयाँ भटकेपल्लू छोड़ूं कोन्या पीछो छोड़ूं कोन्याभक्ता पे थोड़ी सी मेहर करदेभक्ता पे मावरी नजर करदे थे ही म्हारी कुल देवी होथारे ही मनावा थारे पल्लो छोड़ के दादीऔर … Read more

म्हारी झुँझनवाली माँ पधारो कीर्तन में

म्हारी झुँझनवाली माँ पधारो कीर्तन में,कीर्तन में माँ कीर्तन में भक्ता के घर आँगन में,म्हारी झुँझनवाली माँ पधारो कीर्तन में।। चाव चढ्यो है भारी मन में इब ना देर करो आवन में,थारी कद से उडीका बाट पधारो कीर्तन में,म्हारी झुँझनवाली माँ पधारो कीर्तन में।। थारी पावन ज्योत जगाकर थारे आगे शीश झुकाकर,म्हे जोड़के बैठ्या हाथ … Read more

थारी झुंझन नगरी सजने वाली ही है

झुंझनु की मैया म्हारा केवे जियाथारी झुंझनु नगरी सजने वाली ही हैसिंह की सवारी करने वाली ही है।। भादो का महिना है दादी ने बड़ा प्यारास्वर्ग सा लगता है धरती का नजारा।। कलकता से कोई माँ टाटा नगर से कोईमाँ चरणों में धोक लगाने लगे हैं।। टोला का टोला माँ गली मोहल्ला माँसंग मिलके जोत … Read more

जिनका मेरी मैया से लगाव हो गया

जिनका मेरी मैया से लगाव हो गयादूर जिंदगी का हर आभाव हो गयानदी हु मिली है सागर में जा जरुरजिनका ठीकरह में बहाव हो गयाजिनका मेरी मैया से लगाव हो गयादूर जिंदगी का हर आभाव हो गया।। जो भी बैठे हैं माँ की कश्ती मेंलग जाये चार चाँद हस्ती मेंजो भी बैठे हैं माँ की … Read more

जब तक हो दादी जीवन मेरा छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा

जब तक हो दादी जीवन मेरा,छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,तेरी सेवा में रहे अर्पण तन मन मेरा,जब तक हो दादी जीवन मेरा।। इतनी किरपा करना हर दम इस लायक रहु मैं,जब दिल चाहे मेरा तेरे ढांढन धाम में औ मैं,जी भर के करू मैं दर्शन तेरा,छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,जब तक हो दादी … Read more

रोवे क्यों भगत तू होवे क्यों अधीर

रोवे क्यों भगत तू होवे क्यों अधीरदादी से केह दे तेरी मनडे रे प्रीत।। दुःख देने वाली दुनिया दुःख के मिटा सीतेरा आँसू पोहचन ताई कौन है जो आई सीतेरा सबा प्यारा गा सी तेरे से ही दूरदादी से केह दे तेरी मन रे प्रीत।। माँ बेटा की जग में प्रीत है साँचीदुःख में है … Read more

तीजया के सिंधारे में मैं दादी ने बुलावांगा

तीजया के सिंधारे में मैं दादी ने बुलावांगा,मैया जी का रल मिल के लाड लड़ावा गा।। पहलया तो चन्दन सो मह चौक पुरासाया जी,आंगन में केसरियां अंतर छड़का जा सी,चांदी ने चोंकि पर दादी ने बिठावा गा,तीजया के सिंधारे में मैं दादी ने बुलावांगा।। पाछे में फुलारा सोहना हार बना छा जी,चाँदी की थाली में … Read more

अपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी

करे न जब तुझपे दवा दुआ कोई कामकिसी भी झाड़े से नहीं मिले आरामदादी से कहना तेरी तकलीफ मिटा देगीअपनी चुनरी तेरे सर पर लहरा देगी।। चुनरी दादी की जादगारी हैदादी को लगती सबसे प्यारी हैसोलह श्रृंगार दादी करती हैचुनरिया सब पे पड़ती भारी हैचुनरी में क्या जादू है तुझको दिखला देगीअपनी चुनरी तेरे सर … Read more