भोले तेरी जटा में बहती है गंग धारा
भोले तेरी जटा में बहती है गंग धारा,शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा,काली घटा के अन्दर जिव दामिनी उजाला,शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा।। गले मुंड मल साजे शशि भाल में विराजे,डमरू निनाद बाजे कर में त्रिशूल धारा,भोले तेरी जटा में बहती है गंग धारा।। त्रगतिन तेग राशी कटी बंध नाग … Read more