नीलकंठ पर्वत पर चढ़ गयो रे
नीलकंठ पर्वत पर चढ़ गयो रे,आज भोला फूलों से सज गयो रे,नीलकंठ पर्वत पर चढ़ गयो रे,आज भोला बेल पत्तो सज गयो रेआज भोला मेरा फूलों से सज गयो रे।। भोले की जटा मैं गंगा विराजे,गंगा से अमृत बरस गयो रे,आज भोला फूलों से सज गयो रे,नीलकंठ पर्वत पर चढ़ गयो रे,आज भोला बेल पत्तो … Read more