आईं सावन की रुत प्यारी रे गौरा भंगिया की करले तैयारी
आईं सावन की रुत प्यारी रे,गौरा भंगिया की करले तैयारी।। भोले घोटु न भांग तुम्हारी रे,लागी कैसी ये तुम को बीमारी रे।। ऐसा ला दे भांग का रगडा,पी के गोरा हो जाऊ टकड़ा,होवे भंगियाँ में ताकत बड़ी बारी रे,गौरा भंगिया की करले तैयारी।। सारी दुनिया केहतन भोला,पी के भांग मचावे रोला,भोले अच्छी न आदत तुम्हारी … Read more