शिव की महिमा न्यारी है
कभी है योगी कभी है भोगीऔर कभी संसार हैअजर अमर अविनाशी है येशिव की महिमा न्यारी है।। गंगा को जो धारा पे लायेजन जन का कल्याण कियाजिन्की दया से सकल लोक Neगंगा अमृत पान किया।। जटा से बहती गंगा धाराजग जिनपर बलिहारी अजर अमर अविनाशी है येशिव की महिमा न्यारी है।। विष पीकर तुमने हे … Read more